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प्राथमिकता क्षेत्र एवं अग्रणी बैंक प्रभाग - कृषि ऋण योजनाएं

 

·         पीएनबी कृषि कार्ड योजना के अंतर्गत वित्तपोषण योजना (किसान क्रेडिट कार्ड)

·         किसानों को पैकेज ऋण हेतु योजना (पीएनबी किसान सम्पूर्ण ऋण योजना)

·         पी.एन.बी.  किसान इच्छा पूर्ति योजना

·         राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्रों, सावधि जमा रसीदों तथा किसान विकासपत्रों के विरुध्द किसानों को ऋण

·         स्वर्ण / चाँदी के आभूषणों /गहनों की प्रतिभूति पर वित्तपोषण

·         उत्पादन (मार्केटिंग) ऋण योजना

·         कृषि मशीनीकरण योजना, कृषि मशीनरी की खरीद एवं ट्रैक्टर तथा पावर टिल्लरों की मरम्मत/नवीकरण

·         पुराने ट्रैक्टरों की खरीद के लिए वित्तपोषण योजना

·         स्वचालित कम्बाइन हार्वेस्टर के लिए वित्तपोषण योजना

·         ट्रक तथा अन्य परिवहन वाहनों की खरीद के लिए किसानों को वित्तपोषण योजना

·         लघु सिंचाई के लिए वित्तपोषण योजना

·         बागवानी विकास (फलों, फूलों और सब्जियों) तथा बागान विकास के लिए वित्तपोषण योजना

·         वानिकी विकास कार्यक्रमों के लिए वित्तपोषण योजना

·         बंजर भूमि विकास योजना हेतु वित्तपोषण योजना (ट्री पट्टा योजना सहित)

·         एग्री क्लिनिक्स एवं एग्री बिजनैस केन्द्र (एसीएबीसी) की स्थापना के लिए कृषि स्नातकों को वित्तपोषण योजना

·         भूमि खरीदने तथा अन्य कृषि कार्य कलापों के लिए कृषि स्नातकों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए योजना

·         कृषि उ­द्देश्यों के लिए भूमि की खरीद हेतु किसानों को वित्तपोषण करने की योजना ।

·         मशरुम की खेती हेतु वित्तपोषण योजना

·         मशरुम स्पान उत्पादन हेतु वित्तपोषण योजना

·         बायोगैस यूनिटों की स्थापना के लिए वित्त पोषण योजना

·         कमीशन एजेण्टों/आढ़तियों/डीलरों के लिए वित्तपोषण योजना, कमीशन एजेण्टों/ आढ़तियों/डीलरों को कृषि निविष्टियों के लिए पशु चारा, मुर्गीदाना, डेरी फीड इत्यादि में लगे व्यक्तियों को उनके प्रदत्त स्टॉक के विरुध्द

·         मुर्गीपालन के लिए वित्तपोषण योजना

·         डेरी विकास कार्यक्रमों के लिए वित्तपोषण योजना

·         अच्छी नस्ल के दुधारू पशुओं हेतु वित्तपोषण योजना

·         डेरी विकास कार्ड योजना (चुने हुए राज्यों में लागू)

·         मत्स्य विकास वित्तपोषण हेतु योजना

·         भेड़-बकरी पालन हेतु वित्तपोषण योजना

·         सूअर विकास हेतु वित्तपोषण योजना

·         गाड़ी एवं भार ढोने वाले पशुओं की खरीद हेतु वित्तपोषण योजना

·         मधुमक्खी पालन वित्तपोषण योजना

·         रेशम के कीड़ों के पालन हेतु वित्तपोषण योजना

·         किचन गार्डनिंग वित्तपोषण योजना

·         पादप गृहों के वित्त पोषण के लिए योजना

·         पीएनबी कल्याणी कार्ड योजना

·         पीएनबी जनरल क्रेडिट कार्ड (जीसीसी)

·         पीएनबी कृषक साथी योजना (केएसएस)

·         सौर उर्जा प्रकाश प्रणाली (एसईएलएस) के वित्तपोषण के लिए योजना

 

पीएनबी कृषि कार्ड योजना के अंतर्गत वित्तपोषण योजना

(किसान क्रेडिट कार्ड)

 

उद्देश्य : कृषि कार्यकलापों के लिए अल्पावधि कार्यशील पूंजी एवं सम्बध्द कृषि कार्यकलापों के लिए कार्यशील पूंजी की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए, अन्य उपभोग आवश्यकताओं जैसे कि शिक्षा, घरेलू वस्तुओं की खरीद, चिकित्सा व्यय आदि घरेलू जरूरतों के लिए, कृषकों  की मीयादी ऋण आवश्यकताओं एवं गैर संस्थागत ऋण प्रदान करने वालों से किसानों द्वारा लिए गए ऋण के भुगतान हेतु ऋण प्रदान करना ।

 

पात्रता : प्रगतिशील शिक्षित एवं अशिक्षित किसान, जो स्वामी काश्तकार, भूमि किराएदार, पट्टेदार अथवा आवंटी किसान हैं तथा जिनके पास लिखित में भूमि जोतने का अधिकार है । मौखिक भूमि किराएदार भी ऋण के पात्र हैं यदि भूमि के स्वामी सहऋणी बनने के लिए सहमत हों । जो खाते अर्थसुलभ प्रतिभूतियों जैसे एफडीआर/ राष्ट्रीय बचत पत्र/ किसान विकास पत्र आदि द्वारा सुरक्षित हों, वहाँ मौखिक भूमि किराएदारों, बिना भूमि के स्वामियों के सहऋणी बनने की शर्त लगाए बगैर कार्ड जारी किए जा सकते हैं । भूमिहीन मजदूर, सांझी फसल, किराए पर ली गई भूमि जोतने वाले तथा मौखिक पट्टेदारों को हलफनामे के आधार पर 50,000/- की सीमा तक वाले पीएनबी कृषि कार्ड जारी किए जा सकते हैं ।

 

ऋण सीमा : अधिकतम 10 लाख रुपये । हमारे वर्तमान किसान जिनका कम से कम 2 साल का संतोषजनक ट्रैक रिकार्ड है, उनके लिए अधिकतम सीमा 20 लाख रूपए हैं ।

 

सीमा निर्धारण : कृषि तथा अन्य सहायक कार्यकलापों के लिए, फसल उत्पादन के लिए, उपभोक्ता जरूरतों के लिए कार्यशील पूंजी के लिए नकद उधार के रूप में किया जाएगा । किसान द्वारा अधिग्रहण की जाने वाली यूनिट लागत अनुसार या किसान द्वारा खेत पर पहले से किये जा रहे कार्य चुकौती क्षमता के आधार पर ऋण सीमा निश्चित करते समय यूनिट लागत का ध्यान रखा जाएगा ।

 

अधिकतम 10 लाख रुपये की सीमा निम्नानुसार है :-

फसल उत्पादन, उपभोक्ता जरूरतों तथा सम्बध्द कार्यकलापों के लिए कार्यशील पूंजी के लिए अधिकतम 5 लाख रुपये । योजना के अंतर्गत समग्र नकद उधार लिमिट नकद में संवितरित किया जा सकता है । उपभोक्ता जरूरतों के लिए लिमिट का 25% या 50,000/-रू., इनमें जो भी कम हो, मंजूर किया जा सकता है ।

 

गैर संस्थागत ऋण देने वालों की ऋणग्रस्तता से मुक्ति के लिए ऊपर उल्लिखित नकद ऋण सीमा तथा ऋण सहित (अधिकतम 50,000/- रुपये) सहित समग्र 10 लाख रुपये की सीमा के अंतर्गत आवश्यकता आधारित मीयादी ऋण ।

 

जहाँ अधिकतम लिमिट 20 लाख रूपए है, वहां निम्नानुसार अनुमति दी जा सकती है ।

 

उत्पादन क्रेडिट लिमिट, उपभोक्ता ऋण सहित, 10 लाख रूपए तक सीमित रहेगी ।

 

आवश्यकता आधारित निवेश क्रेडिट 20 लाख रूपए की समग्र सीलिंग के भीतर है ।

 

ऋण की चुकौती : गैर संस्थागत ऋण देने वालों से ऋणग्रस्तता से मुक्ति के लिए मीयादी ऋण सहित 5 वर्षों में चुकाया जाये । तथापि, उन मामलों में जहां चुकौती अवधि 5 वर्ष से अधिक है, अधिक लंबी चुकौती अवधि सम्बध्द योजना के अंतर्गत निर्धारित अनुसार ।

 

किसानों को पैकेज ऋण हेतु योजना (पीएनबी किसान सम्पूर्ण ऋण योजना)

 

उद्देश्य : उत्पादन से सम्बध्द विभिन्न कृषीय तथा सहायक गतिविधियों में लगे किसानों को ऋण प्रदान किया जाना तथा प्रोसैसिंग/स्टोरेज/मूल्य वृध्दि के लिए अतिरिक्त  कार्यकलापों के अलावा पोस्ट हार्वेस्ट टैक्नोलोजी पर व्यय इत्यादि के लिए बैंक पैकेज ऋण प्रदान करेगा ।

 

पात्रता : किसान जो कि स्वामी, खेतीहर, किरायेदार या आवंटित किसान हैं जिनके पास दर्ज दखल अधिकार है या पैतृक अथवा चिर उत्तराधिकार की खेती करने वाले किसान । न्यूनतम भूमि जोत वाले व्यक्तिगत किसान या किसानों  का समूह जिसके/जिनके पास योग्य/पर्याप्त अनुभव है, यदि सम्बध्द कृषि क्रेडिट योजना में निर्धारित है, निवेश ऋण के लिए पात्र है।

 

ऋण सीमा : आवश्यकता आधारित ।  किसान की सभी कृषीय कार्यकलापों की रूपरेखा के आधार पर ऋण सीमा निश्चित की जाती है। उपभोक्ता ऋण 50,000/- रु. या कुल सीमा का 25% जो भी कम हो, दिया जा सकता है । वे किसान जो उत्पादन एवं निवेश दोनों ऋणों का लाभ उठाने के इच्छुक हैं, इस योजना के अंतर्गत ऋण लेने के लिए पात्र हैं ।

 

ऋण की किस्म : किसान की अपेक्षा पर आधारित कैश क्रेडिट/सावधि ऋण/ओवरड्राफ्ट/संमिश्र ऋण ।

 

ऋण का भुगतान :  पुनर्भुगतान अवधि संबंधित व्यक्तिगत योजना पर निर्भर करेगी ।

 

पी.एन.बी.  किसान इच्छा पूर्ति योजना :

 

उद्देश्य : ऋण उत्पादक उद्देश्यों (उत्पादन और निवेश ऋण) कृषि तथा सहायक गतिविधियों, सम्बध्द ग्रामीण आवास कार्यकलापों तथा उपभोग के लिए स्वीकृत किया जाता है ।

 

सब लिमिट :  समग्र सीमा का 20% या 2 लाख रुपये, जो भी कम हो, ग्रामीण आवासीय कार्यकलापों के लिए । तथापि, आवासीय उद्देश्यों के लिए ऋण तभी दिया जायेगा यदि कृषि भूमि को गैर-कृषि उद्देश्यों के लिए गिरवी रखना राज्य में अनुज्ञेय होगा। समग्र सीमा का 30%या 3 लाख रुपये जो भी कम हो (सीमा का 20% या 2 लाख रुपये, ग्रामीण आवासीय कार्यों के लिए) उपभोक्ता उद्देश्यों के लिए ।

 

पात्रता : केवल विद्यमान अच्छी कृषि भूमि के स्वामी ऋणी जो कृषि भूमि गिरवी रखकर निरंतर कृषि अग्रिम ले रहे हैं और आवेदन करने तक पिछले तीन वर्षों में एनपीए रिकार्ड नहीं हो, इसके लिए पात्र हैं । यदि गिरवी भूमि एक से अधिक किसानों के नाम से है, वे संयुक्त रूप से पात्र होंगे । ऐसे किसानों के मामले में 3 वर्ष की सीमा में छूट दी जा सकती है जिनके खाते में पिछले 3 वर्षों से पर्याप्त धनराशि जमा है परंतु उनके ये ऋण 100% अर्थसुलभ सम्पाश्र्विक प्रतिभूति तथा 50% भूमि के बंधक द्वारा सुरक्षित हैं । (छोटे/सीमांत किसानों के मामले में बैंक ऋण का 50% तथा अन्य के मामले में 75% का मूल्य लगाया गया ह)ै ।

 

ऋण की सीमा : (क) ऋण सीमा निम्न से जो भी कम हो :-

ऋणी की कृषि तथा सम्बध्द कार्यकलापों से औसत (दो वर्षों की) आय का पांच गुणा

अथवा

बंधक भूमि के मूल्य का 50 प्रतिशत

 

                           अधिकतम सीमा 10 लाख रु.

        अधिकतम 10 लाख रुपये की किस्म निम्नानुसार है :-

·         फसल उत्पादन, उपभोक्ता ज़रूरतों (आवास के अतिरिक्त) तथा सहायक कार्यकलापों के लिए कार्यकारी पूंजी के लिए नकदी ऋण सीमा अधिकतम 5 लाख रुपये ।

·         ऊपर उल्लेखित ऋण सीमा तथा ग्रामीण आवास के लिए अधिकतम 2 लाख रुपये ऋण सहित आवश्यकता आधारित सावधि ऋण 10 लाख रुपये की अधिकतम समग्र सीमा ।

 

ग्रामीण आवास ऋण :

यदि ऋण के लिए आवास पति-पत्नी के नाम से है तो वे सह-ऋणी होंगे ।

ऋणी स्वीकृत सीमा के समय अधिकतम आयु 60 वर्ष है । 60 से अधिक परंतु अधिकतम 65 वर्ष आयु के आवेदकों को ऋण दिया जा सकता है, बशर्ते सभी कानूनी वारिस गारंटर हों ।

प्लान इत्यादि के बारे में सक्षम प्राधिकारियों से अपेक्षित अनुमोदन प्रस्तुत करना होगा ।

बैंक की अन्य आवासीय ऋण योजना की अपेक्षाओं को पूरा किया जाना होगा ।

ऋण की चुकौती :  उत्पादन/उपभोग ऋण ज़रूरतों के लिए नकदी ऋण सीमा का भुगतान  - 12 महीने (जैसा भी लागू हो) ।

आवास ऋण के लिए मीयादी ऋण का भुगतान - 9 वर्ष में जिसमें 12 माह की तैयारी अवधि भी शामिल होगी ।

मुख्य कृषि कार्यकलापों के लिए अधिकतम - 9 वर्ष ।

संबंधित सहायक कृषि कार्यकलापों के लिए  - 7 वर्ष ।

 

राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्रों, सावधि जमा रसीदों तथा किसान विकास-पत्रों के विरुध्द किसानों को ऋण

 

उद्देश्य : बैंक कृषि ऋणों के लिए सावधि जमा रसीदें, राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र एवं किसान विकास पत्रों को प्रतिभूति के रूप में स्वीकार करता है तब तक स्वीकार करता है जब तक ऋण की मात्रा उगाई फसलों के अनुरूप अपेक्षित हो या प्रस्तावित निवेश और या बंधक रखी प्रतिभूतियों के मूल्य के संदर्भ में चुकौती क्षमता का निर्माण करने की संभावना हो ।

 

पात्रता :  आवेदक का कृषक होना अनिवार्य है ।

 

ऋण सीमा : कृषि ऋण/अनुमोदित यूनिट लागत निर्धारित मानदण्डों के अनुरूप ही निर्धारित की जाती है ।

 

चुकौती : यदि ऋण सुविधायेेंं कृषक की ऋण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सतत आधार पर प्रदान की जाती हैं तो उसे ऋण सीमा को वर्ष में एक बार एक सप्ताह के लिए क्रेडिट में लाना होगा ।

 

 

स्वर्ण/चाँदी के गहने/आभूषणों की प्रतिभूति पर वित्तपोषण :

 

उद्देश्य : उत्पादकारी उद्देश्यों अर्थात कृषि तथा सहायक कार्य-कलापों के लिए आवश्यकता के आधार पर ।

 

पात्रता : व्यष्टिगत किसान

 

सुविधा की सीमा : प्रस्तावित कार्यकलाप की अपेक्षा के अनुसार आवश्यकता के आधार पर ।

 

ऋण की चुकौती : ऋण वितरण की तारीख से 12 माह के भीतर ऋण की चुकौती की जाये।

 

मार्जिन : स्वर्ण - 5%

             चाँदी - 15%

 

उत्पादन (मार्केटिंग) ऋण योजना :

 

उद्देश्य : हमारे बैंक से किसानों द्वारा बकाया फसल ऋण/किसान क्रेडिट कार्ड लिमिट ऋणों के समायोजन/भुगतान के लिए अल्पावधि सावधि ऋण तथा कृषि उत्पादों को स्टोरिंग के द्वारा निर्धारित अवधि के भीतर उचित मूल्यों पर बेचना ।

 

पात्रता : ये ऋण केवल उन किसानों को उपलब्ध होगा जिन्होंने हमारे बैंक से उस सीजन में फसल ऋण/किसान क्रेडिट कार्ड सुविधा/संमिश्र नकदी ऋण सीमा सम्बध्द फसल उगाने के लिए ली है, जो पुनर्भुगतान के लिए अतिदेय नही हो ।

 

सुविधा की किस्म तथा सीमा : अल्पावधि ऋण । अधिकतम 5 लाख रुपये तक । ऋण किसान द्वारा लिये गये फसल ऋण का दुगुणा अथवा सरकार द्वारा घोषित वसूली मूल्यों के उत्पाद मूल्य का 75%, जो भी कम हो।

ऋण की चुकौती : ऋण वितरण की तारीख से 12 माह के भीतरउत्पाद (मार्केटिंग) ऋण की चुकौती की जाये।

 

कृषि मशीनीकरण योजना - कृषि मशीनरी की खरीद एवं ट्रैक्टर तथा पावर टिल्लरों की मरम्मत/नवीकरण

 

उद्देश्य : नए ट्रैक्टरों की खरीद और मैचिंग उपकरणों/उपस्करों की खरीद, नये पावर टिल्लरों की खरीद, पुराने ट्रैक्टरों, मैचिंग उपकरणों सहित, की खरीद, ट्रैक्टर की मरम्मत/नवीकरण के लिए ऋण प्रदान करना ।

 

पात्रता :

ट्रैक्टरों के लिए : किसान या किसानों के समूह जिनके पास न्यूनतम 2.5 एकड़ सिंचित भूमि का स्वामित्व हो, प्रत्येक मामले में वित्तपोषित ट्रैक्टर की व्यवहार्यता का पता लगाया जायेगा और आर्थिक व्यवहार्यता सुनिश्चित करने के पश्चात ही ट्रैक्टर ऋण प्रस्ताव वित्तपोषित किया जायेगा ।

 

पावर टिल्लरों के लिए : किसान या किसानों के समूह जिनके पास अपनी भूमि है या निरंतर लीज़ आधार पर वर्षभर सिचिंत न्यूनतम भूमि क्रमश: ट्रैक्टर एवं पावर टिल्लर्स हेतु अन्य कृषि मशीनरी के लिए 1.5 एकड़ न्यूनतम पट्टे पर भूमि अधिकार है ।

 

अन्य कृषि मशीनरी/उपकरणों के लिए : न्यूनतम भूमि जोत की कोई शर्त निर्धारित नहीं है । किसानों के पास सम्पत्तियों के प्रयोग की उचित संभावना होनी चाहिए और ऋण चुकाने के लिए उचित आय अर्जन होना चाहिए स्कोप होना चाहिए ।

 

ऋण सीमा : आवश्यकता आधारित ।

 

बीमा : पीएनबी किसान कल्याण निधि योजना के अंतर्गत ट्रैक्टर ऋणी से अपने ट्रैक्टरों तथा मैचिंग उपकरणों को 'देयता' (थर्ड पार्टी) के विरुध्द बीमा अधिनियम के अंतर्गत बीमा करवाने की अपेक्षा की जाती है ।

 

ऋणी खातों से अंशदान वसूल किया जायेगा जिन्होंने पीएनबी किसान कल्याण निधि योजना अपनाई है । शुल्क का प्रकार निम्नानुसार है :-

क) 800/- रुपये                  :                  कैलेण्डर वर्ष के 12 माह के लिए

ख) 400/- रुपये                  :                  कैलेण्डर वर्ष के 6 माह से कम के लिए

 

ऋण की चुकौती : ऋण की चुकौती छमाही/वार्षिक किश्तों में निम्नानुसार की जायेगी :-

क्रम सं.              विवरण                                                             चुकौती अवधि(वर्ष)

                                                                                                                

i.                      ट्रैक्टर                                                                            7 - 9   

ii.                     पुराने ट्रैक्टर                                                                     5

iii.                    पावर टिल्लर                                                                   7

iv.                    अन्य कृषि मशीनरी :

                        क) छोटे एवं सीमांत किसान                     7 (एक वर्ष के भुगतान अवकाश सहित)

                        ख) अन्य किसान                                                   5

v.                     ट्रैक्टरों की मरम्मत/नवीनीकरण                                          5

नोट : चुकौती अवधि तथा मरम्मत की प्रकृति, किसान की श्रेणी तथा चुकौती क्षमता अनुसार निश्चित की जायेगी।

 

पुराने ट्रैक्टरों की खरीद के लिए वित्तपोषण योजना :

 

उद्देश्य : पात्र किसानों को पुराने ट्रैक्टरों की खरीद के लिए ऋण उपलब्ध कराना ।

पात्रता : किसान या किसानों के समूह जिनके पास अपनी भूमि है या निरंतर लीज़ आधार पर वर्षभर सिचिंत न्यूनतम भूमि क्रमश: ट्रैक्टर एवं पावर टिलर्स हेतु अन्य कृषि मशीनरी के लिए  2.5 एकड़ न्यूनतम पट्टे पर भूमि अधिकार है । प्रत्येक मामले में वित्तपोषित ट्रैक्टर की व्यवहार्यता का पता लगाया जायेगा । अत: ट्रैक्टर की आर्थिक व्यवहार्यता सुनिश्चित करने के बाद ट्रैक्टर ऋण प्रस्ताव वित्तपोषित किया जायेगा ।

 

ऋण सीमा : ऋण की राशि ट्रैक्टर की मूल्यहृास लागत का 75% होगी । ट्रैक्टर के मूल्य का 25% ऋणी द्वारा अपने स्रोतों से दिया जायेगा ।  पुराने ट्रैक्टरों, तीन उपकरणों तथा ट्रेलर सहित ऋण की राशि 1,50,000/- रुपये (एक लाख पच्चास हजार रुपये) तक प्रतिबंधित है ।

 

स्वचालित कम्बाइन हार्वेस्टर के लिए वित्तपोषण योजना

 

उद्देश्य : कम्बाइन हार्वेस्टर की खरीद के लिए ऋण दिया जाना ।

 

पात्रता : किसानों के मामले में  : आवेदक कम्बाइन हार्वेस्टर रखने एवं चलाने योग्य हो या इसकी व्यवस्था कर सकता हो ।

 

किसानों के अलावा व्यक्तियों के मामले में : आवेदन तकनीकी रुप से शिक्षित हो और क्रियाकलापों के बारे में समुचित जानकारी रखता हो और कस्टम सर्विस यूनिट चलाने में प्रबंधकीय योग्यता हो ।  राज्य कृषि फार्म / कौशल कारपोरेशन : भूमि विकास कार्यकलापों में लगे राज्य कृषि फार्म / कारपोरेशन जिनके पास कम्बाईन हार्वेस्टर चलाने के लिए पर्याप्त संसाधन तथा क्षेत्र हो ।

 

ऋण की सीमा : आवश्यकता पर आधारित ।

 

ऋण की चुकौती : 5-7 वर्षों में, छमाही किश्तों में ।

 

ट्रक तथा अन्य परिवहन वाहनों की खरीद के लिए किसानों को वित्तपोषण

 

उद्देश्य : किसानों को कृषि इनपुट/कृषि उत्पादों की ट्रांसपोर्टिंग के लिए नये ट्रकों, अन्य नये मोटराईज्ड हल्के/मीडियम वाहनों जैसे टैम्पों, मेटाडोर, जीप, पिकअप वैन, मिली ट्रक, दुपहिया आदि की खरीद के लिए ऋण दिया जाना ।

 

पात्रता : कृषि इनपुट तथा कृषि उत्पादों के ट्रांसपोर्टिंग के लिए  भूमि पट्टेदार तथा कृषि में व्यस्त या अन्य कृषीय कार्यकलापों के लिए ट्रक की खरीद के लिए ऋण उन किसानों को दिया जायेगा जिनकी भूमि जोत 3 एकड़ या इससे अधिक है । हल्के/मीडियम वाहन जैसे कि जीप, पिकअप वैन, छोटे ट्रक इत्यादि की खरीद के लिए ऋण उन किसानों को दिया जायेगा जिनके पास 2 एकड़ अथवा अधिकतम भूमि  है । वाहनों का प्रयोग कृषि इनपुट व कृषि उत्पादों के ट्रांसपोर्टिंग के लिए किया जायेगा । दोपहिया वाहनों का ऋण उन किसानों को दिया जाएगा जिनकी 1 एकड़ या उससे कम भूमि है ।

 

ऋण प्रकार  : मीयादी ऋण

 

ऋण की चुकौती : ब्याज सहित ऋण का भुगतान उचित किश्तों में, 48 माह की अवधि में चुकौती ।

 

लघु सिंचाई योजना :

 

उद्देश्य : पम्पसैटों की खरीद, कुएं खुदवाने, कुएं गहरे करवाने, कुएं की मरम्मत, बोर बैल, ऊपरी टयूबवैल, गहरे टयूबवैल, पर्शियन व्हील्स/रहट लगाने, स्प्रिकलर सैटों, बूंद-बूंद सिंचाई, सोलर पंपों, विंड मिलों, चैक डैम, उपलब्ध सतही पानी के प्रयोग हेतु जलवाहिका (फील्ड चैनल) या पाईप डलवाना, पानी की टंकियों के निर्माण, पीवीसी तथा एमएस पाईप के प्रयोग तथा जीआई बैंड स्टैंडवाई डीजल इंजन, ट्राली पर फिट किए गए पम्पसेट, बाईसिकल के साथ , डीजल, पंपसैटों, पम्पिंग उपस्करों को बदलने, कृशि उट्ठेशयों लिफ्ट सिंचाई तथा सम्बध्द कार्य-कलापों  के लिए इस्तेमाल लिए जाने वाले पम्पसैटों को उर्जावान बनाने के लिए जनरेटर सैटों आदि की खरीद के लिए ऋण ।

 

पात्रता :

I.              किसान जो लघु सिंचाई कार्यान्वित करना चाहते हैं और 2.5 एकड़ की न्यूनतम भूमि रखने वाले किसान ।  प्रोजैक्ट में तकनीकी रूप से तथा वित्तीय रूप से व्यवहार्यता हो ।

 

II.            समूह वित्तपोषण - कम्यूनिटी प्रोजैक्ट :  समूह में छोटे तथा सीमांत किसान या कम्युनिटी लघु सिंचाई प्रोजैक्ट हेतु ।

 

ऋण की प्रकृति : मीयादी ऋण ।

 

ऋण सीमा : आवश्यकता आधारित ।

 

ऋण की चुकौती : सम्बध्द कार्यकलाप के अनुसार,  5 - 15 वर्ष ।

 

बागवानी विकास (फलों, फूलों और सब्जियों) तथा बागान फसलों के लिए वित्तपोषण योजना

 

उद्देश्य : नई फलवाटिका, बागों की स्थापना, सजावटी, औषधीय एवं सुगंधित पौधों का विकास, मसालों की फसलों, विद्यमान फलवाटिकाओं या बागान का नवीनीकरण, सब्जियां या फूलों की फसलें उगाने के लिए बागान फसलों के बीच में उगाई जाने वाली फसलों तथा अन्य कार्यकलापों जैसे पैकेजिंग, ग्रेडिंग और क्रेटिंग, प्रेषण तथा परिवहन लागत इत्यादि की जरूरतों इत्यादि को पूरा करने के लिए विपणन ऋण देना ।

 

पात्रता : व्यक्तिगत किसान या किसानों के समूह जिनके पास पर्याप्त अनुभव है और खेती योग्य भूमि भी है । फलों के पेड़ या  परियोजना  आधार पर अन्य पौधे उगाने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम या प्राईवेट फर्म इसके लिए पात्र हैं ।

 

सुविधा की किस्म :  अल्पावधि मीयादी ऋण या नकद ऋण सुविधा उत्पादन उद्देश्यों के लिए और मध्यावधि ऋण फल वाटिकाओं के विकास के लिए, सब्जियों या फूलों के बाग के लिए 

 

ऋण की सीमा  : आवश्यकतानुसार । तथापि, वित्त के स्केल के आधार पर कार्यशील पूंजी ऋण का निर्धारण होगा । यदि मार्केटिंग ऋण पर विचार किया जाता है तो यह फसल की अनुमानित मूल्य से 20% से अधिक नहीं होगा ।

 

प्रारम्भिक अवधि : पेड़/पौधों की किस्म के अनुसार प्रारम्भिक अवधि में विविधता रहेगी ।

 

ऋण की चुकौती :

अल्पावधि ऋण :

 

फसल ऋण : सब्जी फसल, फूलों की फसल अथवा अन्य बीच की फसल के कटने के 6-8 सप्ताह के भीतर अल्पावधि ऋण की वसूली की जाती है लेकिन संमिश्र ऋण के मामले में, उत्पादन तथा निवेश ऋण दोनों के लिए यह 4-5 वर्षों में वसूल किया जाना है ।

 

विपणन ऋण : मार्केटिंग ऋण के मामले में ऋण की तारीख से 4 माह की अवधि के भीतर भुगतान किया जाता है

 

मध्यम मीयादी ऋण : किसान द्वारा उगाये गये पौधों/बागान की किस्म पर निर्भर करते हुए (प्रारम्भिक अवधि सहित) ऋण की चुकौती मध्यावधि ऋण से 4-1 5 वर्षों के बीच की जा सकती है ।

 

वानिकी विकास कार्यक्रमों के लिए वित्तपोषण योजना :

 

उद्देश्य : नर्सरी विकास के लिए, बागानों एवं वानिकी पौधों को लगाने के लिए मियादी ऋण प्रदान किया जाएगा, उगायी जाने वाली फसलों पर निर्भर करते हुए  इंटर क्रापिंग के लिए भी उगायी जाने वाली फसल को आवश्यकतानुसार ऋण दिया जा सकता है ।

 

पात्रता : निजी स्वामित्व / पट्टेदारों / स्थाई काश्तकारी का अधिकार रखने वाले किसान, कम्पनियाँ, राज्य उपक्रम का अधिकार रखने वाले इस योजना के अंतर्गत ऋण के लिए पात्र होंगें ।

 

ऋण की सीमा : आवश्यकता पर आधारित 

 

ऋण की चुकौती :

(i)        वानिकी प्लांटेशन - इस योजना के तहत ऋण जहां पेड़ उगाए गए हैं अधिक 15 वर्षों, अंतराल अवधि सहित  में चुकाया जाएगा । 

(ii)       नर्सरी - चूंकि नर्सरी से आय शीघ्र प्रारंभ हो जाती है अत: समग्र मियादी ऋण की चुकौती 5 वर्षों के भीतर निर्धारित की जाएगी ।

 

एग्री क्लिनिक्स एवं एग्री बिजनैस केन्द्र (एसीएबीसी) की स्थापना के लिए कृषि स्नातकों को वित्तपोषण योजना

 

उद्देश्य :

(i)            सरकार विस्तार प्रणाली के प्रयासों को अनुपूरित करना ।

(ii)          इनपुट सप्लाई एवं सेवाएं ज़रूरतमंद किसानों को उपलब्ध कराना ।

(iii)         कृषि क्षेत्र में कृषि स्नातकों को लाभदायक रोज़गार उपलब्ध कराना ।

 

संकल्पना :

(i)            एग्री क्लिनिक्स : किसानों को दक्ष सेवाएं प्रदान करना तथा फसल पध्दति, टैक्नोलोजी, प्रचार करना, कीड़ों तथा बीमारियों से फसलों की रक्षा करना, मार्केट का रूझान तथा विभिन्न फसलों का बाजार मूल्य आदि विषयों पर, किसानों को सलाह देना एवं  पशुओं के लिए क्लिनिक सेवाएं इत्यादि, जिससे फसलों/पशुओं के लिए लाभ हो ।

 

(ii)          एग्री क्लिनिक केन्द्र : कृषि कार्य में प्रयुक्त होने वाले इनपुट्स की आपूर्ति, कृषि उपकरणों को किराये पर लेने तथा अन्य सेवाओं के लिए परिकल्पना की गई है ।

 

उद्देश्य : कृषि स्नातकों द्वारा चुने गये, आर्थिक रूप से व्यवहार्य कार्य, जो बैंक को स्वीकार हों, के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है :-

 

(i)            भूमि तथा जल क्वालिटी-कम-इनपुट टैस्टिंग लेबोरेट्रीज (ऑटोमैटिक एबसोर्पशन सपैक्ट्रोफोटो मीटर्स) ।

(ii)          कीड़ों से देखभाल, रोग संबंधीद्न निदान एवं नियंत्रण सेवाएं

(iii)         कृषि मशीनरी/उपकरणों को किराये पर लेने, रखरखाव तथा मरम्मत लघु/सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली सहित।

(iv)         ऊपर उल्लिखित तीन गतिविधियों (समूह गतिविधियों) सहित एग्री क्लिनिक केन्द्र ।

(v)          बीज संसाधन यूनिट ।

(vi)         प्लांट टिशू कल्चर प्रयोगशाला तथादृढ़ यूनिट के माध्यम से माइक्रो प्रोपागेशन ।

(vii)        वर्मीुकल्चर यूनिटों,  बायो-फर्टीलाइजर्स, बायो-पेस्टी साईड्स, बायो कंट्रोल एजेण्टों की स्थापना ।

(viii)      मधुवाटिका (मधुमक्खी पालन हेतु) की स्थापना और शहद तथा शहद उत्पादन प्रोसैसिंग यूनिट ।

(ix)         परामर्शदात्री सेवाओं के विस्तार का प्रावधान ।

(x)          कृषि एजेंसी / बीमा सेवाओं की सुविधा ।

(xi)         हैचरी तथा एक्वाकल्चर आंगुलिक मछलियों का उत्पादन ।

(xii)        पशुधन स्वास्थ्य का प्रावधान, पशु चिकित्सा हेतु डिस्पैंसरी तथा फ्रोजन सीमेन बैंक एवं तरल नाट्रोजन सप्लाई से संबंधित सेवाएं ।

(xiii)      पोर्टल से सम्बध्द विभिन्न तरह की कृषि तक पहुंच के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में सूचना प्रौद्योगिकी स्टाल की स्थापना ताकि कृषि से संबंधित विभिन्न पोर्टल तक पहुंच हो सके ।

(xiv)      फीड प्रोसैसिंग एवं टैस्टिंग यूनिट ।

(xv)        मूल्य वर्ध्दन केन्द्र ।

(xvi)      फार्म लेवल से कूल-चेन की स्थापना (समूह गतिविधि)

(xvii)     सोर्टिंग, ग्रेडिंग, स्टैण्ड्रडाईजेशन, स्टोरेज, पैकेजिंग के लिए पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट केन्द्र ।

(xviii)    मैटालिक/नॉन मैटालिक स्टोरेज स्ट्रक्चर (समूह गतिविधि) की स्थापना के लिए ।

(xix)      संसाधित कृषि उत्पादों के लिए रिटेल मार्केटिंग आऊटलैट

(xx)        कृषि इनपुट एवं आऊटपुट की ग्रामीण विपणन डीलरशिप ।

(xxi)       इंटरनैट किओस्क अलग से या उद्यमियों द्वारा चुने गए किसी पात्र प्रोजैक्ट कार्यकलापों के साथ ।

 

पात्रता :

(i)            आवेदक को कृषि स्नातक / कृषि से सम्बध्द विषयों जैसे कि बागवानी, कृषि खेती, वानिकी, डेरी, पशु चिकित्सा, मुर्गीपालन, मछली पालन तथा अन्य कृषि कार्यकलापों के साथ स्नातक होना चाहिए।

(ii)          व्यक्तियों या अधिकतम 5 व्यक्तियों का समूह, जिनमें से एक को मैनेजमेंट स्नातक होना चाहिए और उसे कारोबार विकास तथा प्रबंधन का अनुभव भी हो ।

 

ऋण की सीमा : परियोजना आवश्यकता आधारित; निम्नानुसार :-

(i) व्यक्ति को                              :                       10 लाख रुपये

(ii) समूह को                              :                       50 लाख रुपये

 

ऋण की चुकौती : प्रोजैक्ट से प्राप्त आय के आधार पर या बैंक की सम्बध्द ऋण योजना में निर्धारित चुकौती अवधि अनुसार ऋण को बैंक की विभिन्न ऋण योजनाओं के अनुसार मासिक/तिमाही/ छमाही/ वार्षिक आधार पर चुकाया जायेगा ।

 

 

बंजर भूमि विकास योजना हेतु वित्तपोषण योजना (ट्री पट्टा योजना सहित) :

 

उद्देश्य : मिट्टी सुधार, मिट्टी संरक्षण उपाय, भूमि अनुकूल बनाने के लिए आरंभिक एक-दो वर्षों के लिए मौसमी फसलें उगाने के लिए बेकार पड़ी भूमि पर या विद्यमान बंजर भूमि में वानिकी पेड़ लगाना/चरागाह बनाने, बंजर भूमि में सिंचाई संभावना उत्पन्न करने, बंजर भूमि का योजनाबध्द वनीनीकरण, पेड़ पट्टा योजना के अंतर्गत पेड़ पट्टा धारक को ऋण प्रदान करने, निवेश प्रोन्नति योजना के अंतर्गत गैर-वानिकी बंजर भूमि का विकास, नर्सरी की स्थापना इत्यादि ।

 

पात्रता : भूमि जोत वाले व्यक्तिगत किसान, पंचायते/अन्य एकक जिनके पास इस तरह की भूमि है ।

 

ऋण सीमा : आवश्यकता आधारित ।

 

II . बंजर भूमि विकास के लिए मार्जिन मनी सहायता योजना :

 

पात्रता :  राज्य सरकार कारपोरेशन, शहरी विकास प्राधिकारी, सार्वजनिक उपक्रम तथा अर्ध्दशहरी संगठन ।

 

मार्जिन मनी सहायता की सीमा :  प्रोजैक्ट तथा नकदी प्रवाह के आधार पर मार्जिन मनी की मात्रा की सीमा का निर्णय होगा । राष्ट्रीय बंजर भूमि विकास बोर्ड (एनडब्ल्यूडीबी) प्रोजैक्ट लागत की 25% राशि देगा ।

 

निवेश प्रमोशन योजना के अंतर्गत गैर-वानिकी बंजर भूमि :

पात्रता : व्यक्तिगत उद्यमियों एवं किसान/किसानों का समूह केन्द्र तथा राज्य सरकारें, उपक्रम, सहकारी संस्थाएं, पब्लिक ट्रस्ट तथा सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के अंतर्गत पंजीकृत सोसायटी तथा कंपनी अधिनियम के अंतर्गत रजिस्टर्ड निगमित निकाय ।

योजना के अंतर्गत एरिया कवरेज :  प्रारम्भ में केन्द्र तथा राज्य सरकारों के स्वामित्व वाले गैर वानिकी बंजर भूमि तक प्रतिबंधित ।

 

कृषि  उद्देश्य  के लिए भूमि की खरीद हेतु किसानों को वित्तपोषण हेतु योजना :

 

उद्देश्य : योजना  का  उद्देश्य खेती के लिए कार्य योग्य या बंजर भूमि के क्रय व विकास कार्य हेतु किसानों को वित्तपोषित करना ।

 

पात्रता : छोटे और सीमांत किसान तथा बटाईदार काश्तकार/किराए पर ली गई भूमि पर खेती करने वाले ।

 

ऋण की सीमा : यह खरीदी जाने वाली भूमि के क्षेत्र इसके मूल्य तथा विकास लागत पर निर्भर करेगी । तथापि, योजना के अंतर्गत अधिकतम ऋण सीमा 5 लाख रुपए तक प्रतिबंधित होगी ।

 

ऋण की चुकौती : ऋण 7 - 10 वर्षों में छमाही / वार्षिक किश्तों में अदा किया जाएगा, 24 माह की अधिकतम अधिस्थगत अवधि सहित 

 

भूमि खरीदने तथा अन्य कृषि कार्य-कलापों के लिए कृषि स्नातकों को वित्तीय सहायता प्रदान करने की योजना

 

उद्देश्य : भूमि की खरीद, भूमि विकास, फसल ऋण/अन्य कृषि कार्यकलापों के लिए ऋण ।

 

पात्रता  : आवेदक कृषि परिवार से सम्बध्द हो जिसके पास कोई भूमि नहीं है और जो कृषि, पशु चिकित्सा या कृषि इंजीनियरिंग में स्नातक हो और वर्तमान में बेरोजगार हो ।

 

ऋण की सीमा  : आवश्यकतानुसार । ऋण राशि का निर्धारण आवेदक द्वारा खरीदी जाने वाली भूमि पर, क्षेत्र के आधार पर तथा लिए जाने वाले प्रोजैक्ट पर निर्भर करेगा परंतु लिमिटेशन के अंतर्गत अधिकतम 2.5 एकड़ सिंचित अथवा 5 एकड़ असिंचित ।

 

ऋण की चुकौती : भूमि की खरीद के लिए दिया गया ऋण 8 वर्ष अधिस्थगन अवधि सहित, में चुकाया जाएगा।

 

मशरुम की खेती हेतु वित्तपोषण योजना

 

उद्देश्य : निवेश ऋण तथा कार्यशील पूंजी ( केवल प्रारंभिक एक फसल के लिए ऋण देने पर विचार किया जाना)।

 

पात्रता : व्यक्तियों के लिए तथा बडे आकार के यूनिटों में मशरुम खेती में पर्याप्त अनुभव ।

 

ऋण की सीमा : आवश्यकता पर आधारित 

 

ऋण की चुकौती :  प्रारंभिक अवधि अधिकतम 7 वर्ष ,ऋण की चुकौती क्षमता पर निर्भर करते हुए ।

 

मशरुम स्पान उत्पादन हेतु वित्तपोषण योजना

 

उद्देश्य : निवेश उद्देश्यों के लिए तथा आवर्ती व्ययों के लिए स्पॉन उत्पादन हेतु वित्तीय सहायता ।

 

पात्रता : व्यक्तिगत और पादप रोग विज्ञान (प्लांट पैथोलोजी) में योग्यता रखने वाले अथवा स्पॉन उत्पादन में पर्याप्त अनुभव व उचित पृष्ठिभूमि वाले व्यक्ति या बड़े आकार के यूनिट, मशरूम उत्पादन में पर्याप्त अनुभव प्राप्त व्यक्ति या बड़े यूनिट ।

 

ऋण की सीमा :  आवश्यकता पर आधारित 

 

ऋण की चुकौती :  अधिकतम 7 वर्ष ।

 

बायोगैस यूनिटों की स्थापना के लिए वित्तपोषण योजना

 

पात्रता : ऋण लेने वाले उधारकर्ताओं के पास पर्याप्त संख्या में पशु होने चाहिए तथा उनके अनुसार ही स्थापित किए जाने वाले प्रस्तावित प्लांट का आकार होना चाहिए ।

 

ऋण की सीमा : बायो-गैस प्लांट के माडल तथा क्षमताओं के आधार पर आवश्यकता के अनुसार ।

 

ऋण की चुकौती : 5-7 वर्ष

 

कमीशन एजेण्टों / आढ़तियों / डीलरों के लिए वित्तपोषण योजना, कमीशन एजेण्टों / आढ़तियों / डीलरों को कृषि निविष्टियों के लिए पशु चारा, मुर्गीदाना, डेरी फीड इत्यादि में लगे व्यक्तियों को उनके प्रदत्त स्टॉक के विरुध्द

 

कमीशन एजेण्टों/आढ़तियों/ डीलरों को कृषि निविष्टियों के वितरण के लिए योजना के विवरण भाग-I तथा भाग-II में दिये गये हैं ।

 

भाग-I :बीजों, उर्वरकों, कीटनाशक दवाओं इत्यादि के वितरण के लिए प्रदत्त स्टॉक की एवज में एजेंटों/डीलरों को उनके कृषि निविष्टियों (स्टॉक) की खरीद तथा खेती के लिए किसानों को सप्लाई बीजों के बही ऋण (बुक वैल्यू) के विरुध्द एजेंटाें/डीलरों को ऋण दिया जा सकता है । उन्हें केवल कृषि निविष्टियों की खरीद के लिए जो इन निविष्टियों (इनपुट्स) के एक्सक्लुसिव डीलर नहीं हैं तथा उन कमीशन एजेंण्टों/आढ़तियों को जो किसानों को इनपुट्स की खरीद के लिए ऋण प्रदान करते हैं, परंतु इनपुट्स के डीलर नहीं हैं तथा व्यष्टि किसानों/स्वयं सहायता समूहों/संयुक्त देयता समूहों से उत्पादन खरीदने के लिए कमीशन एजेंटों/आढ़तियों को वित्तपोषित करना ।

 

पात्रता : व्यक्तियों/फर्मों/प्राईवेट या पब्लिक लिमिटेड/कारपोरेट निकाय या किसी भी कोऑपरेटिव सोसायटी नियम के अंतर्गत पंजीकृत कोऑपरेटिव सोसायटी जो आढ़तियों/कमीशन एजेण्ट/डीलर के रूप में कार्य करने वाले, क्षेत्र में अच्छी साख रखने वाले, अच्छी वित्तीय स्थिति वाले कृषि इनपुट्स के वितरण में लगे पर्याप्त अनुभव रखने वाले तथा संतोषजनक टर्न-ओवर वाले हैं, ऋण के पात्र हैं 

 

सुविधा की किस्म : (i) नकद ऋण (दृष्टिबंधक)

            (ii) नकद ऋण (गिरवी)

            (iii )नकद ऋण (बही-ऋण)

 

ऋण सीमा : आवश्यकता आधारित ।

 

ऋण की अवधि : चालू फसलों (खरीफ/रबी) के  उत्पाद की मार्केटिंग के साथ ऋण अवधि को संबध्द किया जाएगा। खाते को वर्ष में कम-से-कम एक बार क्रेडिट बैलेंस में लाना चाहिए । खाते को वार्षिक आधार पर समीक्षा की जायेगी ।

 

भाग-II :पशु चारा, मुर्गी दाना, डेरी फीड, मछली दाना इत्यादि के वितरण में लगे डीलरों को उनके प्रदत्त स्टॉक के विरुध्द अधिकतक 40 लाख रुपये

 

पात्रता : व्यक्तियों/फर्मों/प्राईवेट या पब्लिक लिमिटेड/कारपोरेट निकाय या किसी भी कोऑपरेटिव सोसायटी नियम के अंतर्गत पंजीकृत कोऑपरेटिव सोसायटी जो आढ़तियों/कमीशन एजेण्ट/डीलर के रूप में कार्य करने वाले, क्षेत्र में अच्छी रेपुटेशन रखने वाले, अच्छी वित्तीय स्थिति तथाकृषि इनपुट्स के वितरण में लगे पर्याप्त अनुभव रखने वाले तथा संतोषजनक टर्न-ओवर वाले इसके लिए पात्र हैं ।

 

ऋण सीमा : आवश्यकता आधारित ।

 

मुर्गीपालन के लिए वित्तपोषण योजना

 

मुर्गीपालन के लिए वित्तपोषण योजना के अंतर्गत छज्जों के निर्माण के लिए उपकरणों की खरीद तथा एक दिन के चूज़ों की खरीद, मुर्गीदाना, औषधियों इत्यादि की खरीद के लिए ऋण दिया जाता है । उधारकर्ताओं को निम्नानुसार वित्तीय सहायता प्रदान की जायेगी :-                                  

 

उद्देश्य :

सहायक कार्यकलापों के लिए :स्थाई सम्पत्तियों के अधिग्रहण के लिए मध्यावधि मीयादी ऋण के रूप में निवेश ऋण प्रदान किया जायेगा जबकि उत्पादन ऋण, अल्पावधि मीयादी ऋण के रूप में कार्यकारी पूंजी अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए दिया जायेगा।

 

मुख्य कार्यकलापों के लिए :निवेश ऋण ऊपर उल्लिखित अनुसार प्रदान किया जायेगा जबकि उत्पादन ऋण या तो नकद ऋण सीमा के रूप में या निवेश ऋण के घटक के रूप में ।

 

पात्रता :

 

सहायक कार्यकलापों के लिए :ऋणी एक छोटा किसान, भूमि रहित कृषि मजदूर या अन्य व्यक्ति होना चाहिए जो अल्परोजगार प्राप्त हो और मुर्गीपालन के माध्यम से अतिरिक्त आय सृजित करना चाहता हो और जिसके पास शैड निर्माण के लिए पर्याप्त भूमि हो ।

 

मुख्य कार्यकलापों के लिए :ऋणी को मुर्गीपालन यूनिट चलाने का अच्छा अनुभव हो और व्यावसायिक आधार पर मुर्गीपालन में व्यस्त हो या मुर्गीपालन को मुख्य व्यवसाय के रूप में अपनाना चाहता हो, उसके पास पर्याप्त भूमि/शैड हो जहां वह मुर्गीपालन का कार्य करना चाहता है ।

 

यूनिट का आकार :

सहायक कार्यकलापों के लिए मुर्गी पालन यूनिट के लिए 500 पक्षियों की न्यूनतम साईज होनी चाहिए ।

 

ऋण सीमा : आवश्यकता आधारित होगी ।

ऋण की चुकौती : उत्पादन ऋण, यदि अल्पावधि ऋण के रूप में लेयर्स और ब्रायलर्स के मामले में दिया जाता है तो  6/3 महीनों की प्रारम्भिक अवधि सहित 18/12 महीनों में वसूल किया जाना है ।

निवेश ऋण पर्याप्त प्रारम्भिक अवधि (12 महीनों तक लेयर्स के लिए और 3 माह तक ब्रायलर्स के लिए) मासिक/तिमाही/छमाही किश्तों में, छोटे किसानों के मामले में उनकी चुकौती क्षमता पर निर्भर करते हुए,  6-7 वर्षों की अवधि में वसूल किया जाता है ।

 

 

डेरी विकास कार्यक्रमों के लिए वित्तपोषण योजना :

 

डेरी प्रोजेक्ट के अन्तर्गत निम्नलिखित कार्यों हेतु वित्तपोषण किया जाता है  :

i.              दुग्ध उत्पादन के लिए अच्छी नस्ल के दुधारू पशुओं जैसे कि गाय/भैंस या संकर नस्ल की गायों की खरीद के लिए व्यक्तियों को वित्तपोषित करना ।

ii.            एक माह तक के बछड़ोेंं के पालन-पोषण के लिए व्यक्तियों को ऋण ।

दूध उत्पादन की प्रथम अवस्था तक के लिए बछियों की खरीद व पालन-पोषण के लिए ऋण ।

iii.           अन्य पशु पालन के नए कार्य, पशु प्रजनन जैसे दुग्ध उत्पादन की सुविधाएं, दुग्ध गृहों का निर्माण इत्यादि हेतु वित्तपोषण । दुग्ध उत्पादकों के  गाय/भैंसों के लिए चारे की व्यवस्था ।

 

दूध उत्पादन कार्यकलापों के लिए वित्तपोषण अर्थात दूध उत्पादन के लिए दुधारू पशुओं (गाय/भैंसों)  की  खरीद व रखरखाव

 

उद्देश्य : बैंक निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए ऋण प्रदान करता है :

·         अच्छी नसलों के दुधारू पशुओं गाय/भैंसों की खरीद ।

 

·         पशुओं को रखने के लिए  छज्जों(शेड्स) का निर्माण ।

 

·         डेरी मशीनरी की खरीद अथवा डेरी कारोबार के अन्य उपकरणों हेतु वित्तपोषण ।

 

·         पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था ।

 

·         पशुओं को बाजार, हाट व मेलों से खरीदने व लाने/ले जाने हेतु परिवहन की लागत ।

 

·         दुधारू पशुओं के चारे की व्यवस्था स्वरूप एक माह तक चारे की खरीद हेतु वित्तपोषण ।

 

पात्रता :

Ø  वे व्यक्ति जो आंशिक/सहायक कार्य के रूप में डेरी चलाते हैं ।

 

Ø  वे व्यक्ति जो व्यावसायिक/मुख्य रूप में डेरी चलाते हैं ।

 

ऋण सीमा : आवश्यकता-आधारित ऋण प्रदान किया जाता है । दो दुधारू पशुओं की यूनिट, दुग्ध उत्पादन के लिए व्यवहार्य है ।

 

ऋण की चुकौती : दुधारू पशुओं की खरीद के लिए देय ऋण को निम्न प्रकार से चुकाया जाएगा :

 

क.सं.

 

निवेश का प्रकार

 

चुकौती अवधि

(प्रारम्भिक अवधि सहित)

ऋण किश्त अवधि

 

प्रारम्भिक अवधि

 

1.

 

संकर नस्ल की गायें

 

5 वर्ष

 

मासिक/तिमाही

 

चुकौती लेक्टेशन अवधि के साथ समबध्द होगी

 

2.

 

भैंसें

 

4 - 5 वर्ष

 

.....वही.....

 

.....वही.....

 

3.

 

2 ग्रेडेड मुर्रा भैसें

 

4 - 5 वर्ष

 

.....वही.....

 

.....वही.....

 

4.

 

संकर नस्ल के बछड़ा प्रजनन

 

5 - 6 वर्ष

 

.....वही.....

 

30 माह

 

 

 

अच्छी नस्ल के दुधारू पशुओं हेतु वित्तपोषण योजना :

 

 उद्देश्य : जन्म से चार माह तक के स्वस्थ मादा बछड़ों के पालन हेतु ।

 

पात्रता :  पशुओं को रखने वाले/प्रगतिशील किसान जो दुग्ध उत्पादन के लिए गाय अथवा पहली बछड़ी के प्रजनन के बाद बिक्री का काम करते हो तथा उनके पास चारा उगाने का पर्याप्त स्थान हो ।

 

ऋण सीमा : ऋण की राशि उधार्रकत्ता के पास रखे जाने वाले दुधारू पशुओं का पालन करने की संख्या पर निर्भर करेगी ।

 

ऋण की चुकौती :  पहली बार ब्याहने के बाद यदि मादा बछड़े को दूध उत्पादन की अवस्था तक रखा जाता है तो ऋण तथा ब्याज को अधिकतम 4 वर्षों में वसूल किया जायेगा । प्रथम किश्त प्रथम बार प्रजनन के बाद प्रारम्भ होगी । यदि मादा बछड़े को जन्मते ही बेच दिया जाता है तो मूल तथा ब्याज को  बिक्री के बाद एकमुश्त वसूल किया जायेगा। तदनुसार पहले मामले में अधिकतम चुकौती अवधि   5 - 6 वर्ष होगी जबकि बाद के मामले में  2 वर्ष 6 महीने होगी ।

 

पशुपालन से सम्बध्द अन्य नवीन कार्यकलापों के लिए वित्तपोषण :

 

उद्देश्य : कृत्रिम गर्भाधान द्वारा मवेशियों का प्रजनन, समय के साथ दूध की मात्रा कम हो जाने से गायों को पुन: प्रजनन हेतु खरीदना / बेचना, दूध उत्पादन सुविधाओं के लिए वित्तपोषण, गाँव के दूध को को ऑपरेटिव सोसायटी द्वारा दूध गृहों का निर्माण, चरागाह खरीद के विकास इत्यादि के लिए वित्तपोषण ।

 

ऋण सीमा : आवश्यकता आधारित ।

 

डेरी विकास कार्ड योजना (चुने हुए राज्यों में लागू)

 

उद्देश्य : अच्छी नसल के दुधारू पशुओं की खरीद के लिए, पशुओं के रहने के लिए छज्जों के निर्माण, कार्यशील पूंजी मदों की खरीद जैसे कि डेरी फीड, पशु चिकित्सा औषधियाँ, चारा,  डेरी उपकरण या अन्य उपकरणों की खरीद ।

 

पात्रता : भूमि रहित कृषि श्रमिक या किसान / कोई भी व्यक्ति जिसे दुधारू पशुओं को रखने का अनुभव हो 

 

मार्जिन : शून्य

 

कार्ड का टाईप : पीएनबी डेरी विकास कार्ड ।

 

कार्ड की वैधता : 5 वर्ष

                       

ऋण सीमा :  100,000/- रुपये

 

ऋण सीमा का निर्धारण

(i)         उत्पादन ऋण                 :           कुल सीमा का 25%

(ii)        निवेश ऋण                    :           ऋण सीमा का न्यूनतम 75%

 

ऋण का वितरण : किसान की ज़रूरत के अनुसार ऋण का वितरण विभिन्न चरणों में किया जाएगा । ऋण सुविधा कार्ड जारी करने वाली शाखा से प्राप्त की जाएगीद्न ।

 

ऋण का पुनर्भुगतान : निवेश ऋण 5 वर्षों में चुकाया जायेगा ।  निवेश ऋण को वार्षिक आधार पर संमिश्र नकद ऋण सीमा को कम करते हुए 5 वर्षों में चुकाया जायेगा । खाते में किश्तें मासिक/तिमाही आधार पर चुकाई जायेंगी ।

 

नई भैंस खरीदना / मौजूदा भैंस को बदलना

 

उद्देश्य : आवेदकों को नई भैंसों की खरीद मौजूदा भैंसों को बदलकर नई भैंस खरीदने की अनुमति है बशर्ते खाते का संचालन पिछले एक वर्ष में संतोषजनक हो । यह सुविधा तीसरे वर्ष तक दी जाएगी ।

 

कार्यक्षेत्र : प्रारम्भिक रूप में  यह  योजना पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात तथा महाराष्ट्र में लागू है ।

 

 

मत्स्य विकास वित्तपोषण हेतु योजना :

 

स्वदेशी मछली विकास तथा खारा पानी मछली तथा झींगा मछली विकास

वित्तपोषण हेतु योजना

 

उद्देश्य : ताल/कुण्डों के निर्माण/नवीकरण के लिए, जलद्वार (स्लूस) निर्माण, झींगा मछली की खरीद, फ्राई एवं फिंगर लिंग्स/फिश सीड/झींगा मछली के बीज, ऑयल केक, फर्टीलाइजर्स, आर्गेनिक उर्वरक तथा अन्य भोज्य सामग्री की खरीद प्रथम हार्वेस्ट तक, जालों, बक्सों तथा बास्केट, रस्सियों, बेलचे, हुक तथा अन्य सहायक चीज़ों इत्यादि के लिए वित्तीय सहायता देना ।

 

पात्रता : किसानों, व्यक्तियों, सहकारी सोसायटियों, कंपनियों, व्यक्तियों के समूह जिनके पास इस योजना के अंतर्गत पर्याप्त अनुभव भी है और आवश्यक आधारभूत सुविधाएं भी ।

 

ऋण सीमा : आवश्यकता आधारित ।

 

ऋण चुकौती : निम्नानुसार निर्धारित अवधि में ऋण की चुकौती की जाएगी :

 

तालाब मछली कल्चर : प्रारम्भिक अवधि सहित 5 - 8 वर्ष । चुकौती वार्षिक अंतराल पर ।

 

खारा पानी फिश /  झींगा कल्चर : प्रारम्भिक अवधि सहित 5 - 10 वर्ष । भुगतान छमाही अंतराल पर ।

 

मेरीन मछली पालन  वित्तपोषण योजना :

 

उद्देश्य : मशीनीकृत/गैर मशीनीकृत नावों/गहरे समुद्र में मछली पकड़ने हेतु जलपोत (डीप-सी फिशिंग), ट्रावलर्स, जालों की खरीद - ट्रैवल नैट/पर्स-सियन/ग्रिल नेट, अन्य डैक उपकरणों की खरीद जैसे कि ट्रैवल विंच, वायर रोप, गैलोस, नैट हैण्डलर, नेवीगैशनल लाइट्स, लाईफ जैकेट, पाईप बोट, एकर्स,डायरेक्शन फाइडर्स, फिश फाईर्नड इत्यादि की खरीद, मेरिन इंजन इत्यादि की खरीद हेतु ।

 

पात्रता : ऋण व्यक्तियों/साझेदार फर्मों, कोऑपरेटिव सोसायटीज, लिमिटेड कंपनियों, जो तकनीकी रूप से सक्षम हैं तथा इस प्रकार के कार्यों का पर्याप्त अनुभव है ।

 

ऋण सीमा : ऋण की राशि प्रोजैक्ट रिपोर्ट में प्रस्तुत अपेक्षानुसार होगी ।

 

ऋण की चुकौती :

 

मध्यम अवधि के ऋण : 

गैर-मशीनीकृत नाव/जलपोत        :           6 - 7 वर्ष

मशीनीकृत नाव                          :           8 - 12 वर्ष

 

नकदी ऋण सीमा : कार्यशील पूंजी के लिए नकद ऋण सीमा प्रत्येक वर्ष नवीकृत की जाएगी ।

 

 

भेड़-बकरी पालन हेतु वित्तपोषण योजना :

 

उद्देश्य : अच्छी नस्ल की भेड़/बकरी के प्रजनन के लिए खरीद, पालन-पोषण, ऊन, मांस तथा दूध उत्पादन के लिए, भेड़/बकरी के लिए छज्जों का निर्माण, यदि आवश्यक माना जाये तो उपकरणों/उपस्करों की खरीद हेतु तथा उनके लिए चारे हेतु ।

 

पात्रता : छोटे एवं सीमांत किसान तथा कृषि मजदूर जो भेड़/बकरी पालन को सहायक कार्य के रूप में करने के इच्छुक हैं अथवा अन्य प्रशिक्षित व्यक्ति जो व्यावसायिक स्तर पर इस कार्य को करने के लिए इच्छुक हों, पात्र है।

 

ऋण सीमा : आवश्यकता आधारित ।

 

ऋण चुकौती : मीयादी ऋण :

 

कार्य

 

प्रारम्भिक अवधि सहित न्यूनतम तथा अधिकतम चुकौती अवधि

 

भुगतान का तरीका

(किश्तें)

भेड़ पालन

 

5 - 6 वर्ष

 

तिमाही/छमाही/वार्षिक

 

बकरी पालन

 

5 - 6 वर्ष

 

तिमाही/छमाही/वार्षिक

 

 

कार्यशील पूँजी : अग्रिम की तारीख से 1.5वर्ष की अवधि में कार्यशील पूंजी की अदायगी की जायेगी । यदि नकद ऋण सीमा दी जाती है तो सुविधाओं का नवीकरण प्रत्येक वर्ष होगा ।

 

सूअर विकास हेतु वित्तपोषण योजना :

 

उद्देश्य : अच्छी नसल के सूअरों के प्रजनन के लिए अथवा सूअरों के पालन पोषण के लिए ।

 

पात्रता : किसान / कृषीय मजदूर तथा वे व्यक्ति जो सूअर पालन को सहायक कार्यकलाप के रूप में करने के इच्छुक हैं तथा वे जो इस प्रकार के कार्यों को मुख्य व्यवसाय के रूप में करना चाहते हैं ।

 

ऋण सीमा : आवश्यकता आधारित ।

 

ऋण की चुकौती :

 

उत्पादन ऋण :कार्यशील पूंजी ऋण अग्रिम की तारीख से 18 महीनों की अधिकतम अवधि में चुकाया जाये ।

 

निवेश ऋण  : मध्यम मीयादी ऋण छमाही किश्तों में 5 - 6 वर्षों की अवधि में, प्रारम्भिक तैयारी अवधि को शामिल करते हुए चुकाया जाये ।

 

गाड़ी एवं भार ढोने वाले पशुओं की खरीद हेतु वित्तपोषण योजना

 

उद्देश्य : भार ढोने वाले पशुओं, कृषि परिवहन, पशु गाड़ी की खरीद के लिए ऋण दिया जाता है ।

 

पात्रता : 2 एकड़ भूमि रखने वाले किसान या 2 एकड़ भूमि पर खेती करने का परम्परागत अधिकार रखने वाले किसान ।

 

''भूमिहीन खेतीहर मज़दूर'' की श्रेणी से सम्बध्द व्यक्तियों को भी रोज़गार प्रदान करने के लिए गाड़ी एवं भार ढ़ोने वाले पशुओं की खरीद के लिए वित्तपोषित किया जाता है ।

 

ऋण सीमा : आवश्यकता आधारित ।

 

ऋण की चुकौती :

चुकौती अवधि मासिक/तिमाही/छमाही अंतरालों पर निम्नानुसार है :

 

सृजित सम्पत्ति

 

चुकौती अवधि

 

केवल बैल                     

 

4 वर्ष

 

भैंसा तथा झोटा बग्गी     

 

4 - 5 वर्ष

 

केवल ऊँट

 

5 वर्ष

 

बैल गाड़ी तथा छकड़ा     

 

5 - 7 वर्ष

 

पशु द्वारा खींची जाने वाली गाड़ी

 

5 - 7 वर्ष

 

ऊँट एवं छकड़ा गाड़ी

 

5 - 7 वर्ष

 

         

 

मधुमक्खी पालन वित्तपोषण योजना :

 

उद्देश्य : निम्नलिखित कार्यों के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है 

 

निश्चित लागत जैसे कि शहद के छत्तों के निर्माण के लिए,  कोलोनीज की खरीद,  मधुमक्खी रखने के लिए बक्सों तथा उपकरणों की खरीद, शहद निकालने के लिए स्मोकर्स तथा बीवेल, बी नाइफ, हाईव टूल, क्वीन गेट, फीडर, सोलरवैक्स, एक्सट्रक्टर, शहद रखने के लिए प्लास्टिक ड्रम्स, रबड़ दस्ताने इत्यादि ।

 

आवर्ती मूल्यों के रूप में  जैसे कि फाउन्डेशन शीट, शुगर, औषधियां, दस्ताने  इत्यादि ।

 

पात्रता : छोटे तथा सीमान्त किसान/मजदूर(कृषि), मधुमक्खी पालन में प्रशिक्षित व्यक्ति/समूह/कम्पनी, जिन्हें मधुमक्खी पालन का पर्याप्त अनुभव है तथा जो व्यावसायिक आधार पर मधुमक्खी पालन के इच्छुक हैं ।

 

ऋण की सीमा तथा प्रकृति :  आवश्यकता-आधारित मीयादी ऋण । प्रारम्भिक आवर्ती लागतों के लिए प्रावधान केवल मीयादी ऋण के भाग के रूप में रहेगा ।

 

चुकौती : प्रारम्भिक अवधि सहित अधिकतम 5 वर्षों में । 

 

रेशम उत्पादन के वित्तपोषण के लिए योजना :

 

उद्देश्य : शहतूत की खेती, रेशम के कीड़ों के पालन तथा रेशम की खेती से संबंधित गैर-कृषि संबंधी कार्य-कलाप ।

 

पात्रता : रेशम की खेती से संबंधित कार्यकलापों में व्यस्त व्यष्टिगत किसान, स्वयं सहायता समूह, फर्म, कम्पनियाँ।

 

ऋण की सीमा :  आवश्यकता के आधार पर ।

 

चुकौती : कार्यकलाप के स्वरूप के आधार पर 4-9 वर्ष । 

 

 

किचन गार्डनिंग वित्तपोषण योजना :

 

उद्देश्य : बाड़ा लगाने, निविष्टियों की खरीद जैसे बीज , उत्पादक पौधे के रक्षक रसायन, भूमि विकास, छोटी बागवानी, उपकरणों की खरीद पर ऋण दिया जाता है ।

 

पात्रता : आवेदक सरकारी/अर्ध सरकारी या शहरी यूनिट अथवा को-ऑपरेटिव या प्राइवेट उपक्रम/संगठन में कर्मचारी तथा वह तदर्थ आधार पर कार्य न करता हो, व्यावसायिक और स्वरोजगार व्यक्ति तथा फाइनेंसिंग शाखा के साथ पिछला कोई लेन-देन न हो, केन्द्र / राज्य सरकार अथवा अन्य सरकारी उपक्रमों के पेंशनधारक तथा उनका फाइनेंसिंग शाखा में पेंशन खाता भी हो तथा ऊपर बताए अनुसार संगठनों के कर्मचारियों की  पत्नियां भी पात्र हैं बशर्ते उनके पतियों द्वारा यह ऋण न लिया गया हो, स्टाफ सदस्य भी इसके पात्र हैं, बशर्ते इस प्रकार के कार्यकलापों के लिए पर्याप्त स्थान हो । आवेदक के पास निवास-स्थान के आसपास खाली भूमि हो जिसका प्रयोग करने का अधिकार उसके पास हो, कम से कम छह माह से बैंक के पास जमा खाता हो पास में ऋण चुकौती की पर्याप्त आय हो ।

 

ऋण सीमा : 5 हजार रुपये तक अल्पकालीन ऋण ।

 

ऋण चुकौती : 1 वर्ष में ।

 

पीएनबी कृषि कार्ड योजना

 

उ­द्देश्य :

 

(i) कृषि कार्यकलापों के लिए अल्पावधि कार्यशील पूंजी यथा खाद, बीज, कीटनाशक, दवाइयाँ इत्यादि एवं सम्बध्द कृषि कार्यकलापों के लिए कार्यशील पूँजी के साथ-साथ शिक्षा, घरेलू वस्तुओं की खरीद, चिकित्सा व्यय आदि घरेलू जरूरतों के लिए  (ii) कृषकों की मीयादी ऋण आवश्यकताओं एवं गैर संस्थागत ऋण प्रदान करने वालों से किसानों द्वारा लिए गए ऋण के भुगतान हेतु ऋण प्रदान करना ।

 

पात्रता :प्रगतिशील शिक्षित एवं अशिक्षित किसान, जो स्वामी काश्तकार, भूमि किराएदार, पट्टेदार अथवा अलॉटी किसान हैं तथा जिनके पास लिखित में भूमि जोतने का अधिकार है, कार्ड लेने के पात्र हैं । मौखिक भूमि किराएदार भी ऋण के पात्र हैं यदि भूमि के स्वामी सहऋणी बनने के लिए सहमत हों एवं स्वयं सहायता समूह बनाकर कार्ड प्राप्त कर सकते हैं ।

 

ऋण सीमा : अधिकतम 10 लाख रुपये ।

 

सीमा निर्धारण :ऋण सीमा मीयादी ऋण के लिए और कृषि तथा अन्य सहायक कार्यकलापों के लिए,फसल उत्पादन के लिए, उपभोक्ता जरूरतों के लिए तथा सहायक गतिविधियों के लिए इत्यादि । अधिकतम 5 लाख रुपये फसल उत्पादन/उपभोग आवश्यकताएं एवं संबध्द कार्यकलापों, कार्यशील पूंजी हेतु । गैर संस्थागत ऋण देने वालों से ऋणग्रस्तता से राहत दिलाने के लिए 50,000/- रुपये की राहत सहित अधिकतम 10 लाख रुपये की अधिकतम ऋण सीमा के अंतर्गत आवश्यकता आधारित मीयादी ऋण ।  विभिन्न कार्डों के लिए ऋण सीमा निम्नानुसार है :                                    

 

  कार्ड का प्रकार                  अधिकतम ऋण सीमा

 

(i)         विकास कार्ड (नीला)                    50,000/- रु. तक

(ii)     भाग्यवान कार्ड  (लाल)                  50,000/- रु. से अधिक एवं 3 लाख रु. तक                       

(iii)       सर्वोत्तम कार्ड (हरा)                    3 लाख रु. से अधिक एवं 5 लाख रु. तक   

(iv)       स्वर्ण कार्ड (भूरा)                        5 लाख रु. से अधिक एवं 10 लाख रु. तक

 

ऋण सीमा 1000/- रुपये के गुणकों में निर्धारित की जाती है ।

 

मार्जिन :

 

ऋण की राशि                                                 मार्जिन                                                

(i)         2 लाख रु. तक                                                    कुछ नहीं

(ii)         2 लाख रु. से  अधिक एवं 5 लाख रु. तक  10%   

(iii)       5 लाख रु. से अधिक                                            25%   

 

प्रतिभूति :

(i)  50,000/- रु. की ऋण सीमा के लिए फसलों/चल संपत्ति का दृष्टिबंधन ।

 

(ii) 50,000/- रु. से अधिक के ऋण पर फसलों/चल संपत्ति का दृष्टिबंधन एवं भूमि पर प्रभार/बंधक, अथवा मीयादी जमाराशियां/राष्ट्रीय बचत पत्र/किसान विकास पत्र आदि तरल प्रतिभूतियों का प्रभार/गृहणाधिकार ताकि ऋण सीमा पर्याप्त सुरक्षित रहे अथवा तृतीय पार्टी गारंटी ।

 

ब्याज दर :भारतीय रिज़र्व बैंक/बैंक द्वारा समय-समय पर निर्धारित ब्याज दर लागू होगी ।

 

कार्ड जारी करना :ऋण सीमा के निर्धारण एवं दस्तावेजों से संबंधित औपचारिकताएं पूरी करने के बाद किसानों को पीएनबी कृषि कार्ड जारी किया जाएगा जो पांच वर्षों के लिए वैध होगा । ऋण सीमा तथा लेनदेन का हिसाब रखने के लिए पासबुक जारी की जाती है ।

 

कार्डों का उपयोग :कार्ड जारी करने वाली शाखा के अलावा, उसी जिले में स्थित हमारे बैंक की अन्य शाखाएं भी कार्ड को स्वीकार कर 3,00,000/- रु. तक नकद भुगतान करेगी (फसल ऋण/उपभोक्ता ऋण के लिए स्वीकृत सीमा) ।

 

कार्ड जारी करने के लिए सेवा प्रभार :कृषि कार्ड जारी करने और कार्ड बदलने के लिए मात्र 50/- रु. प्रति कार्ड लिया जाता है ।

 

खाता खोलना :किसानों का संयुक्त नाम से खाता खोलने की अनुमति दे दी गई है । यद्यपि, दूसरे सहऋणी के द्वारा दिए गए अधिकार पत्र के आधार पर पहले उधारकर्ता को कार्ड जारी किया जा सकता है ।

 

वितरण : सम्पूर्ण(भुगतान) नकदी ऋण सीमा नकद वितरित की जायेगी ।

 

पुनर्भुगतान :

(i)            फसल उत्पादन और उपभोक्ता ऋण  के लिए नकदी ऋण सीमा 'फसल उगने' की हार्वेस्टिंग/मार्केटिंग अवधि के अनुसार 12/18 महीने में चुकाई जायेगी ।

(ii)          सम्बध्द कार्यकलापों के लिए कार्यशील पूंजी सीमा 12 माह में समायोजित की  जायेगी ।

(iii)         मीयादी ऋण का 5 वर्षों में भुगतान किया जाना है । यह 5 वर्षों से अधिक भी हो सकती है, यदि सम्बध्द योजना में लम्बी चुकौती अवधि प्रदान की गई है ।

 

व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा :70 वर्ष तक की आयु के सभी कार्डधारक किसान व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा पालिसी के अंतर्गत शामिल किये जाते हैं। दुर्घटना की वजह से मृत्यु/सम्पूर्ण अपंगता/दो हाथ/पाँव अथवा दो ऑंखों की क्षति होने पर 50,000/- रु. तक का जोखिम एवं एक हाथ/पांव अथवा एक आंख की क्षति होने पर 25,000/- रु. तक का जोखिम शामिल किया जाएगा। वार्षिक प्रीमियम 15/- रु. प्रति कार्डधारक है ।  इस योजना के तहत दावा प्रक्रिया काफी सरल है।

 

पादप गृहों के वित्त पोषण के लिए योजना

 

उद्देश्य :पादपगृहों के निर्माण, उपस्करों/मशीनरी/निविष्टयों की खरीद तथा अन्य अपेक्षाओं, जिसमें फसलोत्तर परिचालन तथा मार्केटिंग भी शामिल है, की पूर्ति हेतु ।

 

पात्रता :प्रगतिशील किसान जिनकी अपनी अपेक्षित कृषियोग्य भूमि है तथा जिन्हें पादप गृहों का किंचित अनुभव / प्रशिक्षण है तथा आधुनिक कृषि तकनीक को अपनाया है ।

 

ऋण का स्वरूप तथा सीमा :आवश्यकता आधारित, पादप गृहों के निर्माण, उपस्करों, मशीनरी अािद की खरीद, के लिए मध्यावधि ऋण निविष्टियों की खरीद, श्रम आदि के लिए लघु अवधि ऋण तथा फसलोत्तर परिचालन के लिए बैंक की केसीसी स्कीम के अंतर्गत ऋण दिए जा सकते हैं ।

 

ऋण की चुकौती :5-7 वर्ष, लघु अवधि ऋण के लिए चुकौती अवधि 1 वर्ष अथवा केसीसी स्कीम के अनुसार रखी गई है ।

 

पीएनबी कल्याणी कार्ड योजना

 

उद्देश्य :कृषि/सहायक कृषि/कृषि इतर कार्यों के लिए कार्यशील पूँजी संबंधी जरूरतों को पूरा करना ।

 

पात्रता :ग्रामीण/अर्धशहरी क्षेत्रों में रहने वाली निरक्षर/साक्षर महिलाएं जो व्यस्क हो चुकी हैं ।

 

ऋण का स्वरूप तथा सीमा :नकद ऋण सीमा रू. 50,000/-

 

ऋण की चुकौती :12 माह ।

 

 

पीएनबी जनरल क्रेडिट कार्ड (जीसीसी)

 

उद्देश्य :योजना का उद्देश्य नकद प्रवाह के आधार पर बैंक के ग्राहकों को बिना किसी झंझट के ऋण उपलब्ध करवाना है, ऋण व्यवस्था के लिए प्रतिभूति, ऋण के प्रयोजनपरक उपयोग अथवा उट्ठेश्य पर बल नहीं दिया जाता है । यह नकद ऋण की भाँति है जिसमें ऋण के अंतिम उपयोग का बंधन नहीं है ।

 

पात्रता :ग्रामीण तथा अर्धशहरी क्षेत्रों में पर्याप्त आय युक्त बैंक के वैयक्तिक ग्राहकगण ।

 

ऋण का स्वरूप तथा सीमा :अधिकतम रू. 25,000/-

 

ऋण की चुकौती :जीसीसी लिमिट निम्नानुसार 12 महीने में चुकौती योग्य होगी -

·         12 महीनों के दौरान खाते में कुल जमा रकम कम से कम खाते में अधिकतम बकाया राशि के समकक्ष रहनी चाहिए ।

·         12 माह के दौरान खाते में जमा, खाते में अधिकतम बकाया के समकक्ष रहनी चाहिए ।

 

पीएनबी कृषक साथी योजना (केएसएस)

 

उद्देश्य :साहूकारों से लिए गए ऋण की बकाया राशि को चुकाने के लिए कृषकों को वित्तपोषित करना 

 

पात्रता :समस्त किसान, छोटे तथा सीमांत किसान, काश्तकार किसान, मौखिक पट्टेदार, बंटाईदार शामिल हैं ।

 

ऋण का स्वरूप तथा सीमा :अधिकतम  रू. 50,000/-

 

ऋण की चुकौती :किसान 5-7 वर्षों की अवधि में ऋण की चुकौती करेंगे जिसमें 12 महीने की अधिकतम अधिस्थगन अवधि शािमल है तथा छमाही/वार्षिक आधार पर किस्तें चुकाई जाएंगी ।

 

सौर उर्जा प्रकाश प्रणाली के वित्तपोषण के लिए योजना (एसईएलसी)

 

उद्देश्य :ग्रामीण / अर्ध-नगरीय क्षेत्रों में सौर उर्जा के प्रयोग द्वारा नवीकरणीय उर्जा स्त्रोत उपलब्ध करवाना ।

 

प्रयोजन :कृषि तथा सम्बध्द कार्यकलापों में व्यस्त किसानों को विख्यात विनिर्माताओं / आपूर्तिकर्ताओं / प्राधिकृत डीलरों से सौर उर्जा प्रकाश प्रणाली, आवश्यक उपकरणों सहित, संस्थापित करने के लिए वित्तपोषित करना ।

 

पात्रता :

(क)       ग्रामीण / अर्ध-नगरीय केन्द्रों से कृषक व्यक्ति । यद्यपि इस योजना के तहत मौजूदा अच्छे किसान क्रेडिट धारक ऋणियों को शामिल करने पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा । तथापि नए किसानों को वित्तपोषित करने पर कोई रोक नहीं होगी । मामले के गुणदोषों के आधार पर वित्तपोषित किया जाएगा । स्वीकृतिदाता प्राधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि किसान ने आय के साधन / पर्याप्त नकद प्रवाह का भरोसा दिलाया हो जो बैंक के ऋण को चुकाने में पर्याप्त सिध्द होगी ।

 

(ख)       इसके अतिरिक्त, यदि कृषक आय तथा भूमि जोत मानदण्ड को पूरा करता है तथा अन्यथा विभेदक ब्याज दर योजना के अंतर्गत वित्त सहायता पाने के पात्र हैं वे भी सौर उर्जा प्रकाश प्रणाली के तहत वित्तपोषण करवा सकते हैं । उन्हें डीआरआई योजना पर लागू ब्याज दर पर ऋण प्राप्त होगा ।

 

ऋण सीमा :आवश्यकता पर आधारित परंतु अधिकतम  रू. 50,000/-

 

ऋण चुकौती :ऋण वार्षिक / छमाही किस्तों में 5 से 7 वर्ष की अवधि में चुकाया जाएगा ।

 

कृषि अग्रिमों के लिए मार्जिन संबंधी मानदण्ड :

 

(क)       उत्पादन और/अथवा निवेश ऋण के लिए:

 

ऋण की राशि                                                           मार्जिन

(i)     एक लाख रूपए तक                                           कोई मार्जिन नहीं         

(अल्पावधि और मध्यावधि ऋणों के लिए)                                              

(ii)    1 लाख रू. से अधिक 2 लाख रू. तक                              5%     

(iii)   2 लाख रू. से अधिक 5 लाख रू. तक                              10%   

(iv)   5 लाख रू. से अधिक                                                    25%

 

          (ख)      पीएनबी कृषि कार्ड योजना के अंतर्गत       

 

ऋण की राशि                                                           मार्जिन

(i)     2 लाख रू. तक                                                  कोई मार्जिन नही                     

(ii)    2 लाख रू. से अधिक 5 लाख रू. तक                              10%   

(iii)   5 लाख रू. से अधिक 10 लाख रू. तक                25%   

 

          (ख)      कृषि क्लीनिकों/कृषि कारोबार केन्द्रों की योजना के अंतर्गत  

 

ऋण की राशि                                                           मार्जिन

(i)     5 लाख रू. तक                                                कोई मार्जिन नही          

(ii)    5 लाख रू. से अधिक                                                    25%

 

प्रतिभूति संबंधी मानदण्ड :

 

(अ)       उपज ऋण / निवेश ऋण :

 

(i)       रू.1,00,000/- तक

बैंक ऋण से उपजायी गई फ़सलों/सृजित आस्तियों का दृष्टिबंधक ;

 

(ii)     रू.1,00,000/- से अधिक

 

(क)       बैंक ऋण से उपजायी गई फसलों/सृजित आस्तियों का दृष्टिबंधक ;

 

और

 

(ख)       सम्बध्द राज्य के कृषि परिचालन एवं विविध (प्रावधान) अधिनियम के अनुसार भूमि पर ऋण भार का सृजन/कृषीय भूमि का बंधक जो कि अन्य किसानों के लिए ऋण की राशि के 100% के बराबर तथा छोटे किसानों/सीमांत किसानों के लिए यह ऋण की राशि के 75% के बराबर होगा ।

 

अथवा

 

वैकल्पिक प्रतिभूति, उदाहरणार्थ मियादी जमा राशियों/राष्ट्रीय बचत प्रमाण-पत्रों/किसान विकास पत्रों आदि जैसी अर्थसुलभ प्रतिभूतियों पर ऋण भार/ग्रहणाधिकार जिसे पर्याप्त माना जा सकता है ।

 

अथवा

 

तृतीय पक्ष की उपयुक्त गारंटी

 

(आ)      कृषि क्लीनिकों और कृषि कारोबार केन्द्रों की योजना के अंतर्गत :

 

(i)       रू.5 लाख तक

 

बैंक ऋण से उपजायी गई फ़सलों/सृजित आस्तियों का दृष्टिबंधक ;

 

(ii)     रू.5 लाख से अधिक

 

(क)       बैंक ऋण से सृजित आस्तियों का दृष्टिबंधक ;

 

और

 

(ख)       सम्बध्द राज्य के कृषि और परिचालन एवं विविध (प्रावधान ) अधिनियम के अनुसार भूमि पर ऋण भार का सृजन जो कि कृषि भूमि / किसी अन्य उपयुक्त सम्पत्ति का बंधक / साम्यमूलक बंधक अन्य किसानों के लिए ऋण की राशि के 150% के बराबर तथा छोटे किसानों / सीमांत किसानों के लिए यह ऋण की राशि के 100% के बराबर होगा ।

 

अथवा

 

वैकल्पिक प्रतिभूति, उदाहरणार्थ मियादी जमा राशियों/राष्ट्रीय बचत प्रमाण-पत्रों/ किसान विकास पत्रों आदि जैसी अर्थसुलभ प्रतिभूतियों पर ऋण भार/ग्रहणाधिकार जिसे उपयुक्त माना जाएगा ।

 

अथवा

 

तृतीय पक्ष की उपयुक्त गारंटी

 

 

 

 
 
 
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